पुरानी व्यवस्था में थी बड़ी दिक्कतें
अब तक थानों में अपराध से जुड़े सामान, जैसे हथियार, नकदी, मोबाइल, नशीले पदार्थ, वाहन और अन्य साक्ष्यों को हाथ से लिखे रजिस्टरों में दर्ज किया जाता था। माल को पोटली या बक्से में बंद कर अलमारी में रखा जाता था। कई बार कीमती सामान के रख-रखाव में लापरवाही सामने आती थी, जिससे कोर्ट में पेशी के समय दिक्कतें आती थीं। दूसरे राज्यों में मालखानों से चोरी और हेराफेरी के मामले भी उजागर हो चुके हैं। इन सभी समस्याओं से निपटने के लिए अब ई-मालखाना मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है।